तेरी तरह ही कुछ मैं भी हूँ ए जौन , कभी मिले होते, तो क्या बात होती।
जौन तेरे शेर , मेरे दिल में उतारते हैं। ऐसा लगता हैं , तूने मेरे ही दिल की कही हो।
जौन तू कुछ अजीब हैं, ऐसा लगता हैं मुझे। ग़ैर नुमायां ही सही , मैं भी तेरे जैसे आम नहीं। ।